साथ

मेरे  साथ  साथ  हर  पल,
अगर  कुछ   चलता  आ रहा  है
तो  वो  है  “बदलाव ” ।
देखा  है  खुद को  बदलते  मैंने
और  हालातों  को ,नज़ारों  को बदलते 
 
पर  कुछ  तो  है …जो  बिलकुल  नहीं  बदला
 
आपकी  आँखों  से  उमड़ता  प्यार,
 आज  भी  वैसा  है  जैसा  पहले  था।
 आज  भी  मेरी  हर  छोटी  तकलीफ,
परेशान कर  देती  है  आपको।
आज  भी  आपके  सपने  जुड़े  हैं  मेरे  सपनों  से..
 
अगर  कुछ  नहीं  बदला,
 तो  वो  है  आपका  साथ ..
पा  तो  लिया  है  मैंने  सबकुछ..

 

सोचती हूँ ..
 अब  जो  कुछ  भी  और  पाऊँगी
 उसे  खोने  का  क्या  डर
की  मेरे  पास  हो  आप
 अब  और  कुछ  खोने  का  क्या  डर …